Advertisement

Desh Deshantar: Drugs & Magic Remedies (Objectionable Advertisements) Draft Bill

Desh Deshantar: Drugs & Magic Remedies (Objectionable Advertisements) Draft Bill ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) संशोधन अधिनियम - ड्राफ्ट बिल

इस विषय पर आज बात करने की वजह ये है कि केंद्र सरकार ने ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) संशोधन ड्राफ्ट बिल का प्रस्ताव रखा है... जिसके तहत फेयरनेस क्रीम को प्रमोट करने वाले, हाइट बढ़ाने वाले....एंटी एजिंग और मोटापा कम करने वाले जैसे विज्ञापनों पर बैन लगाया जा सके। इतना ही नहीं ऐसे झूठे विज्ञापन देने वालों के खिलाफ सजा और जुर्माने का भी निर्णय लिया जा सकता है....इस एक्ट में पहले से ही 54 बीमारियां, विकार और स्थितियां शामिल है। लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 78 कर देने का प्रस्ताव है। ऐसे में इन प्रतिबंधित बीमारियों या कंडीशन पर विज्ञापन बनाने वालों को पहली बार छह महीने की जेल या फिर जुर्माना या फिर दोनों लगाया जा सकता है। और आगे ऐसा ही करने पर इसे बढ़ाकर 5 साल की जेल और 50 लाख का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन बदलते वक्त और टेक्नोलॉजी के साथ सामंजस्य बिठाए रखने के लिए किया जा रहा है। सरकार इसके लिए लोगों और स्टेकहोल्डर्स से उनके सुझाव भी मंगाएगी। तो आज जानने को कोशिश होगी कि मौजूदा समय में इस तरह के विज्ञापनों पर नकेल कसे जाने की कितनी जरूरत है...मेरे साथ बेहद खास मेहमानों का खास पैनल जुड़ रहा है

Guests:
Dr. Rajiv Nanda, Sr Advocate Supreme Court,
RK Srivastava, Former Director General, Health Services, GOI,
Urmi Goswami, Assistant Editor, Economic Times,
Shweta Purandare,Secretary General, The Advertising Standards Council of India,

Anchor: Ghanshyam Upadhyay

Rajya Sabha TV,RSTV,UPSC,IAS,Makeup,Healthcare lawyer,Drug claim,Luxury,Cosmetic vs drug claims,Cosmetic claims,Drug claims,Laws for selling cosmetics,Harmful effects of cosmetics on skin,Food and Drug Administration,Rash,Hair Loss,Cosmetics,Diseases of makeup,Lipsticks,Makeup components,Doctor,Microbiology,Pharmacology,GS World,Dhyeya IAS,Bhumi IAS,Vision IAS,Nirman IAS,Ojank IAS,Unacademy,Wify Study,Drishti IAS,

Post a Comment

0 Comments